कविता
प्रस्तुतकर्ता

कविता

मुस्कुराया कीजिए हर रोज़ बे वजह ही सही………

सौ गुना बढ़ जाती है खुबसूरती महज मुस्कुराने से,

फ़िर भी लोग बाज नहीं आते मुंह फुलाने से।

मुस्कुराहट वो तावीज है जो हर किसी को अपना बना लेता है,

फ़िर क्या मिलता है लोगों को किसी का दिल जलाने से।

दूरियां किस्मत खुद ब खुद थमा देती है,

फ़िर से घबराते हैं लोग मिलने मिलाने से।

दिल के रिश्ते दिल से निभाए जाते हैं,

कौन कहता है दूरियां बढ़ती है दूर चले जाने से।

रचनाकार

माया शर्मा

(स्वरचित)

प्रस्तुति

मासिक पत्र