प्रशंसनीय योगदान

व्यक्ति को उसका पद नहीं, अपितु व्यवहार और कर्म ही महान बनाते हैं। इसी का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं दिल्ली शिक्षा विभाग में डिप्टी डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन (जिला नॉर्थ वेस्ट-A) पद पर कार्यरत डॉ. अखिलेश कुमार भट्ट।
डॉ. भट्ट ने न केवल अपने घर पर रखी पुरानी पुस्तकों को शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए ‘उम्मीद’ संस्था के नि:शुल्क पुस्तक बैंक में दान किया, बल्कि स्वयं तीन कार्टन भरकर पांचवीं मंजिल से नीचे लाकर संस्था की गाड़ी तक पहुंचाए। उनका यह कार्य निःस्वार्थ सेवा और समाज के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है।
उनका मधुर, विनम्र और डाउन-टू-अर्थ व्यक्तित्व हर किसी के लिए प्रेरणादायक है। हम सभी को उनसे यह सीख लेनी चाहिए कि पद की ऊंचाई नहीं, बल्कि व्यक्ति का व्यवहार और उसके कर्म ही उसकी असली पहचान होते हैं।
हम डॉ. अखिलेश कुमार भट्ट जी के इस सराहनीय कार्य के लिए हृदय से नमन और आभार प्रकट करते हैं। उनका यह योगदान समाज में एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है और हमें प्रेरित करता है कि हम भी अपने सामर्थ्य के अनुसार शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग दें।
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सूचना स्रोत

श्री अनिल जी

प्रस्तुति