उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान

उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान

मेरठ के गौरव को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान


ओजस्वी कविताओं के माध्यम से राष्ट्र जागरण करने वाले मेरठ के कोहिनूर ओजस्वी कवि डॉ. हरिओम पवार को प्रदेश के राजधानी लखनऊ में देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और सूबे के मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया।
24 जनवरी को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल, लखनऊ में आयोजित भव्य समारोह में डॉ. हरिओम पवार को यह सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें ग्यारह लाख रुपए, सम्मान पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान किया गया।
गृहमंत्री अमित शाह ने अपने वक्तव्य में मुक्त कंठ से डॉ. हरिओम पवार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा हरिओम पवार जी को सम्मानित करना मेरे लिए आनंद की बात है, मैं हरिओम पवार को लम्बे समय से सुनता आया हूं वो पूरी सटीकता और सतर्कता के साथ अपनी कविताओं के माध्यम से समाज को जागरूक करते हैं।
डॉ. हरिओम पवार की ओजस्वी कविताएं जनमानस में राष्ट्रप्रेम की भावना का संचार करती हैं। देश के कवि सम्मेलनों में उनकी वाणी ओजस्विता के पर्याय के रूप में स्थापित है। मेरठ विश्वविद्यालय के मेरठ कॉलेज में कानून के प्रोफेसर एवं डीन रह चुके डॉ. हरिओम पवार का विशेष ओजस्वी तेवर श्रोताओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। हरिओम पवार कवि सम्मेलनों से मिलने वाले मानदेय के एक बड़े हिस्से से वाणी फाउंडेशन के माध्यम से गरीब बच्चों की शिक्षा दीक्षा की जिम्मेदारी का भी निर्वहन करते हैं। इसके अतिरिक्त साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से देश के साहित्यकारों को पुरस्कृत करने के साथ राष्ट्रनायकों की स्मृति में कवि सम्मेलनों का आयोजन करते हैं।
डॉ. हरिओम पवार अपनी वीर रस की कविताओं के माध्यम से देश के विभिन्न मंचों पर पिछले पचास वर्षों से विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर सत्ता एवं जनमानस का ध्यान आकृषित करते आए हैं। सामाजिक विषयों पर
उनकी अनेक कविताओं को सुनकर देश के नेतृत्व ने उन विषयों पर व्यवस्था परिवर्तन का कार्य किया है। अनुच्छेद 370, हर घर जल योजना, खाद्य सुरक्षा बिल, नोटबंदी सहित अनेक कानून उनकी कविताओं से प्रेरित होकर बनाए गए हैं। डॉ. हरिओम पवार ने भारत का संविधान, विमान अपहरण, पोखरण सहित अन्य कई कालजई कविताएं लिखी हैं।

सूचना स्रोत

श्री सुमनेश सुमन

प्रस्तुति

प्रस्तुतकर्ता