सम्मानित मित्रो आज दिनांक 26.1.26 को वरिष्ठ नागरिक समाज गौतमबुद्धनगर द्वारा बीटा 2 मार्केट, ग्रेटर नोएडा स्थित वरिष्ठ नागरिक समाज कार्यालय के प्राँगण में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया।
ध्वजारोहण के पश्चात कुछ सम्मानित सदस्यों के द्वारा राष्ट्रभक्ति से युक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। तत्पश्चात मिष्ठान वितरण के उपरांत समारोह का समापन किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री गिरीश कुमार राघव, महामंत्री द्वारा किया गया। इस अवसर पर मख्य रूप से अध्यक्ष रमनपाल सिंह, उपाध्यक्ष श्रीमति उर्वशी सिंह, कोषाध्यक्ष श्री देवेन्द्र सिंहल, सहसचिव श्री महीपाल सिंह, पुस्तकालयाध्यक्ष अवधेश कुमार सक्सेना, सर्वश्री धर्मचन्द, देवेन्द्र कुमार सब्बरवाल, हुकुम सिंह, हरीशचन्द्र गुप्ता, सीपी शर्मा, केपी सिंह, डीसी तायल, राजेन्द्र पुरवार,महेंद्र मेरवाना एवं ए बी त्रिपाठी, श्रीमति रविप्रभा, श्रीमति अंजनी गोयल आदि सैंकड़ों वरिष्ठ नागरिकों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम समयबद्ध व सुन्दर रूप से सम्पन्न हुआ। आप सभी मिइटेंस को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें।
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राष्ट्रीय पर्व पर उद्गार
और हमारे 77वें गणतंत्र दिवस
की हृदय से मंगलकामनाएँ!
मातृभूमि की वंदना में गूँजा स्वर
आज भी उतना ही ओजस्वी, उतना ही पावन—
जितना स्वाधीनता की राहों में कभी था।
भारत का संविधान, हमारा ध्वज और हमारा गीत—
तीनों मिलकर बताते हैं कि यह राष्ट्र
केवल भूमि का विस्तार नहीं,
बल्कि विश्वास, बलिदान और संस्कारों का संगम है।
माँ भारती शिवत्व, शान्ति और समरसता की धनी
हम सबको शक्ति दे कि—
हम ‘वंदे मातरम्’ कहें
केवल होठों से नहीं,
चरितार्थ कर्मों से।
जय हिन्द!
वंदे मातरम्!

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सम्मान
साहित्य मंच, टोडारायसिंह के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है कि मंच के सक्रिय कवि दिनेश कुमार जैन को उनके सतत, समर्पित एवं उत्कृष्ट साहित्यिक कार्यों के लिए गणतंत्र दिवस 2026 के पावन अवसर पर उपखंड अधिकारी महोदय द्वारा सम्मानित किया गया।

यह सम्मान केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि उस विचारधारा की स्वीकृति है जो साहित्य को समाज, संवेदना और संस्कारों से जोड़ती है। कवि दिनेश कुमार जैन की लेखनी ने शब्दों के माध्यम से मानवीय मूल्यों, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक सरोकारों को निरंतर स्वर दिया है—आज वही स्वर सम्मान के रूप में प्रतिध्वनित हुआ है।
यह उपलब्धि साहित्य मंच, टोडारायसिंह के समस्त रचनाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह विश्वास सुदृढ़ करती है कि सार्थक सृजन कभी अनदेखा नहीं रहता।
लो! फिर आया है गणतंत्र दिवस
लो फिर आ गया यह राष्ट्रीय पर्व,
जिस पर है पूरे राष्ट्र को गर्व।
वीर शहीदों की गाथायें इस दिन
गायी जाती हैं,
उनके बलिदान को याद करके
माताएँ गर्व से भर जाती हैं।
लोकसभा सांसद हर जगह
तिरंगा लहराता,
ज़न-गण-मन राष्ट्र गीत सुन
सबका मन है हर्षाता।
माह जनवरी में आयी घर-घर
खुशियों की सौगात थी,
संविधान बना देश का
ये गौरव की बात थी।
रचयिता

स्वरचित
कल्पनाकार

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पाठ्य उन्नयन और विस्तार

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