आकस्मिक अवसान

आकस्मिक अवसान

एक कलाकार चला गया…

आज सिनेमा का पर्दा कुछ और सूना हो गया,

एक सशक्त आवाज़ खामोश हुई,

एक बेहतरीन कलाकार हमसे दूर हो गया।

नाना पाटेकर जी,

आपने केवल किरदार नहीं निभाए,

आपने हर किरदार में एक पूरा जीवन जिया।

आपकी आँखों की गहराई,

संवादों की वह बुलंद आवाज़,

और अभिनय में छिपी संवेदनशीलता—

आपको सबसे अलग बनाती रही।

आप पर्दे से विदा हुए हैं,

लेकिन आपके निभाए किरदार

हमारी स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेंगे।

कुछ कलाकार जाते नहीं,

वे अपनी कला में हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं।

आज मन बहुत उदास है…

एक पसंदीदा कलाकार को

अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए बस इतना ही कहूँगी—

आप जहाँ भी हों,

ईश्वर आपको अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

आपकी कला की रोशनी से नयी पीढी को भी बहुत कुछ सीखने मिलेगा।

आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी।

ॐ शांति। 🙏

प्रमिला त्रिवेदी
स्थानीय संपादक, उलझन सुलझन, बेंगलुरु महिला प्रकोष्ठ

प्रस्तुति

उलझन सुलझन