शिक्षक दिवस
आदरणीय
कार्यक्रम के अध्यक्ष जी, महासचिव जी एवं अन्य सभी सम्मानित पदाधिकारी गण और आदरणीय प्रधानाचार्य, शिक्षकों, मातृ शक्ति, वरिष्ठ गण, कनिष्ठ गण एवं कार्यक्रम में उपस्थित समस्त बन्धु गण !
शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ !
पर्व को सफल मनाने में स्कूल का प्रत्येक विद्यार्थी व शिक्षक बड़े ही उत्साहित होकर , कई दिन पहले से इसकी तैयारी में लग जाते हैं । ऐसे में उनकी मेहनत की तारीफ करना तो बनता है। इससे उनका मनोबल बढ़ता है और उनमें उत्साह भी बना रहता है । प्यारे बच्चो, देश निर्माताओं, आदरणीय, जी पूजनीय शिक्षकों और स्कूल प्रबन्धकों को बहुत-बहुत बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ* 👏🏻
मैं आप सब का हार्दिक अभिनंदन करता हूँ ।
शिक्षक में दो गुण विद्यमान होते हैं – एक, डरा कर नियमों में बाँधकर एक सटीक इंसान बनाते हैं और दूसरा जो खुले आसमाँ में आपको अपना मार्ग चुनने के लिए छोड़ जाते हैं.
आज का यह महान दिन सभी सम्मानित आदरणीय शिक्षकों को समर्पित करना चाहूँगा। धन्यवाद देना चाहूँगा। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूँ जो मैं आपके बीच उपस्थित हुआ।
एक अच्छा शिक्षक एक मोमबत्ती की तरह होता है – जो दूसरों के लिए रास्ता रोशन करने के लिए खुद को जला देता है। शिक्षण को सदैव एक महान कार्य तथा महान सेवा माना गया है। कोई भी अच्छा शिक्षक अपने छात्रों की सफलता को ही अपनी सफलता और अपना प्रयास मानता है क्योंकि वह हमेशा अपने छात्रों के वर्तमान और भविष्य को ध्यान में रखे हुए रहता हैं ।
शिक्षक को एक मार्गदर्शक, संरक्षक, मित्र और प्रेम से देखभाल के निस्वार्थ आश्रय के रूप में देखना चाहिए क्योंकि वह अपने छात्रों को अपने सगे बच्चे के समान ही मानता है ।
सर्वश्रेष्ठ शिक्षक अपने छात्रों को बताते हैं कि *कहाँ देखना है*, यह नहीं बताते कि क्या देखना है। शिक्षक अपनी रोशनी को अंधेरी सड़कों पर भी चमकने देता हैं ताकि छात्र अपनी मंजिल से न भटकें। दुनिया कि नज़रों में आप सिर्फ एक शिक्षक हो सकते हैं, लेकिन हमारे लिए, आप हमारे नायक हैं, आदरणीय है, पूजनीय हैं। हम सब यह भी जानते हैं कि सभी छात्र सर्वश्रेष्ठ छात्र नहीं हो सकते , लेकिन आप सर्वश्रेष्ठ शिक्षक हैं और हमेशा रहेंगे।
शिक्षक प्रत्येक छात्र के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । उन्हीं के प्रयासों सेमैं आज एक सफल व प्रसिद्ध चिकित्सक हूँ । आप मेरे प्रेरणा के स्रोत हैं । एक अच्छा शिक्षक एक खजाने की तरह होता है जिसे समाज को उन्हें संजोकर रखना चाहिए और उनकी सराहना की जानी चाहिए।
मुझे एक आदर्श नागरिक व आदर्श चिकित्सक बनाने के लिए आप जैसे शिक्षकों का ही योगदान है ।
एक प्रसिद्ध दोहा –
*पिता जन्म देता महज, कच्ची माटी होय* |
*गुरुजनों के शिल्प से, मिट्टी मूरत होय* ||
अन्त में एक बार फिर *शिक्षक दिवस की आप सब को हार्दिक शुभकामनाएँ*।
इसी के साथ मैं अपनी वाणी को विराम देता हूँ ।
धन्यवाद 🙏
वक्ता
डा॰ प्रदीप पोसवाल
MBBS MD
प्रस्तुति

