विश्व कीर्तिधारक साहित्यकारों की पुस्तकों का लोकार्पण
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित विभूतियों की रही उपस्थिति
नई दिल्ली/गुरुग्राम, पालम विहार स्थित कीर्ति निकेतन में वाङ्मय कला संगम (संस्थापक/अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार सिंघल ‘निश्छल’ और संरक्षक डॉ. राकेश छोकर) के तत्वावधान में भाषा, साहित्य, कला,संस्कृति के सृजनात्मक संवर्धन एवं सामाजिक क्षेत्र में में सतत् स्तुत्य योगदान से राष्ट्र, समाज को संवेदना, चेतना और मूल्यबोध से समृद्ध करने वाली विशिष्ट विभूतियों की पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर पुस्तक विमोचन,काव्य गोष्ठी, सम्मान समारोह का सफल आयोजन हुआ।
लोकार्पित पुस्तकों में प्रज्ञा यज्ञ (डॉ. राकेश छोकर/डॉ. विनय कुमार सिंघल ‘निश्छल’ की युगल प्रस्तुति), रंगों से संवाद (संपादक : डॉ. हरीश नवल जी, चित्रांकन:डॉ. स्नेह सुधा नवल जी, काव्य:डॉ. विनय कुमार सिंघल ‘निश्छल’ जी) आधुनिक हिंदी काव्य धारा (संपादक डॉ सुनील परीट जी, इसमें डॉ.सिंघल की प्रतिभागिता भी थी) शामिल थीं।

कार्यक्रम में उपस्थित अंतरराष्ट्रीय विभूति बतौर मुख्य अतिथि बेल्जियम से नेता, अभिनेता एवं वरिष्ठ साहित्यकार कपिल कुमार, अध्यक्ष व पूर्व पुलिस उपाधीक्षक एवं साहित्यकार रमनपाल सिंह, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ वीणा शंकर शर्मा ‘चित्रलेखा’, अंजू कालरा दासन ‘नलिनी’, अश्वनी दासन, प्रसिद्ध उद्घोषिका एवं कवयित्री-कथाकार अलका सिन्हा, दोहाकार-गीतकार मनु सिन्हा, साहित्यकार नीना गुप्ता, राष्ट्रीय स्तर की शूटर एवं साहित्यकार पूनम अरोड़ा, साहित्य 24 के प्रकाशक हरिप्रकाश पांडेय सहित अन्य जन उपस्थित रहे।

सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। डॉ वीणा शंकर शर्मा द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। अतिथियों के स्वागत उपरांत मुख्य अतिथि कपिल कुमार , अति विशिष्ट अतिथि अलका सिन्हा तथा विशिष्ट अतिथि पूनम अरोड़ा को डॉ.सिंघल द्वारा अभिनंदन पत्र भेंट किए गए।आतिथेय डॉ विनय कुमार सिंघल ‘निश्छल’ , आशा सिंघल और संचालन डॉ. राकेश छोकर का रहा।
सृजक

प्रस्तुति

