आज 23 मार्च शहीद दिवस के अवसर पर श्री द्रोणाचार्य (पी जी) कॉलेज दनकौर ग्रेटर नोएडा में महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु के बलिदान को स्मरण करते हुए एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दो मिनट का मौन रखकर किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ राजीव पांडेय ने किया।
इस अवसर पर डॉ राजीव पांडेय ने कहा कि “23 मार्च 1931 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का वह स्वर्णिम दिवस है, जब देश के तीन वीर सपूतों—भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु—ने मातृभूमि की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनका त्याग, साहस और राष्ट्रप्रेम आज भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का अमर स्रोत है।”
सभा को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ गिरीश कुमार वत्स जी ने कहा कि “शहीदों का बलिदान केवल इतिहास का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण की सतत प्रेरणा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों—देशभक्ति, निडरता, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक न्याय—को अपने जीवन में आत्मसात करें।”
इस अवसर पर महाविद्यालय की उप प्राचार्या डॉ रश्मि गुप्ता जी ने शहीदों के जीवन, विचारों और योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।
कला संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ देवानंद सिंह जी ने कहा कि भगत सिंह की बहादुरी के किस्से सदियां सुनाएंगी। शहीद अमर रहते हैं। विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष श्री अमित नागर जी ने कहा कि “युवाओं में उनके क्रांतिकारी विचारों में भगत सिंह आज भी जीवित हैं।”
डॉ राघव ने कहा कि “भगत सिंह भारत मां के वीर सपूत हैं आने वाली पीढ़ी उनसे नसीहत लेगी कैसे देश रक्षा की जाती है।”
डॉ नाज़ परवीन ने कहा कि “भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु की शहादत ने भारत की आजादी की लड़ाई को नईं धार दी और अंग्रेजों को यह आभास करा दिया कि उनका शासन अब ज्यादा दिन नहीं रहने वाला।”
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए समर्पित होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।