लोकार्पण

लोकार्पण

“साहित्यकार जीवन के हर कदम, हर मोड़ पर मिलने वाले अनुभवों की महक को आत्मसात करें।”-अटलानी

जयपुर, 29 अप्रेल (वि.)। राजस्थान सिन्धी अकादमी द्वारा झालाना संस्थानिक क्षेत्र, जयपुर स्थित अकादमी संकुल में बुधवार, 29 अप्रेल, 2026 को मासिक अदबी गोष्ठी एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया।

अकादमी सचिव डॉ. रजनीष हर्ष ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भगवान झूलेलाल जी की मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्वलन से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अजमेर की वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.कमला गोकलानी ने की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं अकादमी के पूर्व अध्यक्ष भगवान अटलानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि

राजस्थान की दस अकादमियों में राजस्थान सिन्धी अकादमी सर्वश्रेष्ठ कार्य कर रही है। अकादमी में अध्यक्ष एवं पूर्णकालिक सचिव नहीं होते हुए भी अकादमी द्वारा लगातार अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना इसका द्योतक है। जीवन के हर कदम, हर मोड़ पर मिलने वाले अनुभवों की महक को आत्मसात करें जोकि आखिरी पल तक आपके साथ रहती है और आपको साहित्य से जोड़े रखती है, इसी ज़ज़्बे को बनाये रखना होगा।”

इस अवसर पर अकादमी की वार्षिक पत्रिका ’रिहाण’ एवं अकादमी के आर्थिक सहयोग से प्रकाशित पुस्तकों का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। प्रकाशित पुस्तकों में कोटा की पूनम रतनानी की पुस्तक ’आहुति’, अजमेर की डॉ.पुष्पा कोडवानी की पुस्तक ’सिंधीअ जा आला अदीब’, अजमेर के डॉ.चन्द्र प्रकाश दादलानी की पुस्तक ’सिन्धी शाइरीअ जा रतन’, अजमेर के घनश्यामदास केसवानी की पुस्तक ’जय कैलाश’, जयपुर की माया वसन्दाणी की पुस्तक ’पितिकिड़ा रहबर’ एवं जयपुर की रिन्ने मीराजा की पुस्तक ’रूह रिहाण’ सम्मिलित है।

गोष्ठी में अजमेर की वरिष्ठ साहित्यकार कमला बुटानी ने स्वरचित लघुकथा ’मां अकेली ना आहियां’ नन्दिनी पंजवानी ने स्वरचित कहानी ’खुशीअ जो राज’, पार्वती भागवानी ने स्वरचित कवितायें ’अम्मा जे वियोग में’ एवं ’माउ जी याद’, हेमनदास ने भगत कंवरराम पर स्वरचित कवितायें प्रस्तुत की। लता कृपलानी ने स्वरचित लघु कहानी ’अम्मा जो वतन’, टी.आर.शर्मा ने ’दीपचन्द त्रिलोकचन्द बेलानी-शख़्सु ऐं अदीब’ आलेख प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में अजमेर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ0सुरेश बबलानी, कोटा के किशन रतनानी, डॉ.खेमचंद गोकलानी, डॉ.माला कैलाश, रमेश रंगानी, डॉ.पूनम केसवानी, प्रिया ज्ञानानी, हरि जे.मंगलानी, डा.रूपा मंगलानी, गोपाल, योग्यता इसरानी, कविता इसरानी, हर्षा पंजाबी, ज्योति पहलवानी, हेमा मलानी, प्रिया नन्दवानी, रोमा चांदवानी, वीना कुमारी, राजकुमारी करनानी, हेमन्त खटवानी, तुलसी संगतानी, कविता तनवानी, दयाल इसरानी, महेश किशनानी, कन्हैया लाल मेठवनी, नमीषा खेमनानी, तथा सिन्धी भाषी साहित्यकार, पत्रकार, अकादमी के पूर्व सदस्य एवं समाज के गणमान्य नागरिक आदि बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पूजा चंदवानी ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ सम्पन्न हुआ।

झलकियाँ

सूचना स्रोत

सचिव

प्रस्तुति