🌹🌹🙏🙏🙏🌹🌹 संस्कारों की स्थिति संस्कार, दम तोड चुके हैं, सरकारी आचरणों में। नियम और कानून बचे हैं, अब केवल संस्मरणों में। अच्छे दिन वापस जा बैठे, भाषा के…
ख़ामोश तुमने बाग उजाड़े खामोशी से, वो देखता रहा तुमने जमीन खोदी गर्मजोशी से वो देखता रहा तुमने जलाए जंगल, आशियाने छीने वो खामोश रहा जानवरों की चीखें पहाड़ों का…
मकर संक्रांति आया मकर संक्रांति का त्योहार, झूमे सारा संसार, नव उमंग भरने आया बसंत का संदेश लाया, आशाओं की किरणों से, सबके जीवन को जगमगाए, मध्यम मध्यम आंच पर…
उत्तरायण भीतर का सूर्योदय अंधकार से प्रकाश की ओर, यह क़दम बढ़ाना है, दक्षिणायन की निद्रा त्याग, अब जाग्रत हो जाना है। मकर राशि में सूर्य का प्रवेश, एक नया…
भूमिका नववर्ष का आगमन केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि आशा, नवचेतना और नवसृजन का उत्सव होता है। इसी भावभूमि पर प्रतिष्ठित वरिष्ठ रचनाकार आदरणीया प्रमिला त्रिवेदी जी की कविता 'आगमन'…
भूमिका प्रमिला त्रिवेदी की यह कविता आज की स्त्री केवल स्त्री की सामाजिक स्थिति पर टिप्पणी नहीं है, बल्कि वह स्वयं लेखिका की गहन मानसिक यात्रा, अनुभवजन्य निष्कर्ष और परिवर्तन…
One Life, One Law From many names, one Truth is born, From countless paths, one silent Light; No creed can cage the Infinite, No border bind the soul’s clear sight.…