कविता

कविता

हिंदी बड़े भाग्य मानुष तन पाया, हिंदुस्तान में बसेरा भाया। पढ़कर हिंदी,लिखकर हिंदी, भाषा का है मान बढ़ाया। हिंदी को वट वृक्ष बनाया, चहुँ दिशा में है फैलाया। जड़ों को…
शब्दों की आत्मा 

शब्दों की आत्मा 

शब्दों की आत्मा शब्दों में उलझ गया यह मन, जो कहना था वह कह न सका। कुछ शब्द मिले, कुछ वाक्य बने, लेकिन भावों में बह न सका।   चुन-…
कविता

कविता

मुझे तो भगवान ने जन्म ही दिया है तुम ढूँढते रहो मंदिरों में भगवान, मैंने तो उन्हें अपने घर में देखा है, किसी पत्थर की मूर्ति में नहीं, माँ की…
कविता

कविता

उलझन से सुलझन मैं नाराज़ नहीं होती आजकल, बस कुछ दिनों तक खामोश हो जाती हूँ। क्योंकि जिन बातों को लोग कहकर भूल जाते हैं, उन्हीं बातों में मैं सालों…
काव्य मंच

काव्य मंच

सम्मानित मित्रो आज दिनांक 4.9.26 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के उपलक्ष मे साहित्य सोम संगम,सीतापुर(उ.प्र.)की दिल्ली राज्य ईकाई के द्वारा ई-कवि सम्मेलन का आयोजन सँस्थापक श्री सोमेश…
रक्षा बंधन

रक्षा बंधन

रक्षा बंधन  रूठना-मनाना, हँसना-हँसाना, बीते लम्हे फिर लौट के आएँ। स्नेह की ये डोर कभी होती न लाचार है। धागों में बसी दुआ, आँखों में प्यार है॥   दूर सही…
शिव शंभू

शिव शंभू

शिव शंभू  शिव शंभू, बोलो शिव शंभू। बड़े हितकारी बड़े दयालु। नाम जपो, तुम नाम जपो। अलख निरंजन, सब दुःख भंजन। सब संकट को पार लिए। पीकर विष का विषम…
सबसे महँगा

सबसे महँगा

सबसे महँगा हम अक्सर जीवन में किसी चीज़ की कीमत उसके धन-मूल्य से आँकते हैं। सोना, चाँदी, संपत्ति और बड़ी-बड़ी उपलब्धियाँ हमें बहुत मूल्यवान लगती हैं। लेकिन क्या सचमुच दुनिया…
शिव

शिव

शिव.. क्या-कौन-कहाँ-कैसे शिव तू है भोला भंडारी.. शिव तू है आदि-अनादि.. शिव तू है सदा अविनाशी.. शिव तू ही है संहारक.. शिव तू है औघड़ दानी.. शिव तू है जटा…
दुनिया में सबसे महँगा

दुनिया में सबसे महँगा

दुनिया में सबसे महँगा हम अक्सर जीवन में किसी चीज़ की कीमत उसके धन-मूल्य से आँकते हैं। सोना, चाँदी, संपत्ति और बड़ी-बड़ी उपलब्धियाँ हमें बहुत मूल्यवान लगती हैं। लेकिन क्या…