Posted inPoem कविता नए दौर की नारियाँ लिख रहीं इतिहास नए दौर की नारियाँ दौर-ए-उल्फत में हुईं बहुत सी रुसवाइयाँ नहीं पाँव ज़मीं पर पंख लगा उड़तीं आसमां में अब तोड़ रही हैं… Posted by UljhanSuljhan October 12, 2026
Posted inPoem हर बात शब्दों से कही जाए, यह ज़रूरी तो नहीं… कुछ भाव संकेतों में भी होते हैं, बस उन्हें समझने वाली संवेदना चाहिए। शब्दों को तो हर कोई… Posted by UljhanSuljhan September 23, 2026
Posted inPoem भक्ति जब मन में तुम उतर आते हो घंटियों की गूँज में ही भक्ति का स्वर नहीं होता, कभी मौन बैठे मन में भी तेरा नाम उतर आता है। … Posted by UljhanSuljhan September 23, 2026
Posted inPoem ग़ज़ल ❤️दिली कैफ़ियत❤️ इस दिल की बात को कभी समझा तो कीजिए। मेरे दिल में फ़क़त आप हैं समझा तो कीजिए। हर ज़ख़्म तो मरहम का तलबगार नहीं है, कुछ ज़ख़्म… Posted by UljhanSuljhan September 23, 2026
Posted inPoem कविता प्रेम का नया सफ़र चलो फिर से एक नया सफ़र शुरू करें, कुछ अधूरे ख़्वाबों को फिर से पूरा करें। जो बातें रह गई थीं कभी कहे बिना, उन्हें आज… Posted by UljhanSuljhan September 22, 2026
Posted inPoem शिक्षा बनाम अराजकता शिक्षा बनाम अराजकता ऐसा क्यों हो रहा है शिक्षा बनाम अराजकता का मुद्दा अड़ा है क्या सच में हम शिक्षित होकर अराजक बन रहे शिक्षा शिक्षित कर रही या अराजक… Posted by UljhanSuljhan September 21, 2026
Posted inPoem तस्वीर पर रचना तस्वीर पर रचना हम साथ-साथ हैं राहें चाहे अलग-अलग हों, मंज़िल फिर भी एक है, धूप मिले या छाँव मिले, हाथों में हाथ हो तो हर मौसम नेक है। कभी… Posted by UljhanSuljhan September 20, 2026
Posted inPoem सुनिता की कलमकारी १. एकांत के दो पक्ष हर बात के दो पहलू होते हैं। … Posted by UljhanSuljhan September 19, 2026
Posted inPoem कविता फ्रिज़ की कहानी आधा कटा खीरा, घीया, टमाटर, पड़े मुरझाए आपस में लिपटकर, हो गए बासी, कोई खाना न चाहे अब, जब थे ताज़े, तब चाहते थे हमें सब। रख… Posted by UljhanSuljhan September 17, 2026
Posted inPoem कविता जब मैं थी ही नहीं — 1980 से आज तक कभी मन करता है समय की घड़ी को उलटा घुमा दूँ, आज की चमकती स्क्रीन से निकलकर सन् 1980 की… Posted by UljhanSuljhan September 16, 2026