महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि

एक रचना भोलेनाथ जी की स्तुति है। 🌹ओम नमः शिवाय 🌹 सोमवार शिव को अति प्यारा उस पर फागुन आया न्यारा, जगत पति शिव पालनहारा, भज लो भक्तों शिव मतवाला,…
श्योराज जी की कलमकारी

श्योराज जी की कलमकारी

महाशिवरात्रि पर विशेष बाल गीत ।।भोले बाबा।। छोटे से भोले हैं आये सजा जटा में गंगा लाये।   तन पर प्यारी भस्म रमी है भूतों की यह भीड़ जमी है।…
कविता

कविता

🌹प्रेम 🌹 💞प्रेम जीवन का एक तराना है💞 जिसको हर कोई गुनगुनाता है 💞प्रेम, वीराने में मन का मीत है,💞 प्रेम जीवन का सुगम संगीत है💞 .💖 प्रेम, मूक अभिव्यक्ति…
आत्मबल

आत्मबल

।।आत्मबल।। तू कर तन्हा मुझे मैं खुद से बतियाऊँगी तू भर आँखों में उदासी की शाम का धुंधलका मैं होंठों पे मुस्कान का सूरज उगाऊँगी तू लगा पैरों में बदिंशों…
मेरे कान्हा

मेरे कान्हा

मेरे कान्हा कुछ पंक्तियां, कान्हा के लिए। मोर मुकुट मुरलीधर की मनभावन, मनमोहन की मधुर धुन मधुरम- मधुरम प्रीत शरण है प्रीत झरण है प्रीत ही यमुना घाट पलकों के…
मृत्यु से भय कैसा!

मृत्यु से भय कैसा!

मृत्यु से भय कैसा! तन है मृत्युलोक का वासी मन है हर सुख का अभिलाषी तन को मिट्टी हो जाना है मन को प्रभु शरण आना है   मिट्टी है…
कविता

कविता

दर्द देकर नहीं मिलती ऊँचाई कभी किसी को दर्द देकर, खुद की राह मत सजाना। दूसरों के आँसुओं से, अपनी खुशी मत पाना।   दिल दुखाने वालों को, कभी दुआएँ…
‘सरस’ की सरल लेखनी

‘सरस’ की सरल लेखनी

🌹🌹🙏🙏🙏🌹🌹 संस्कारों की स्थिति संस्कार, दम तोड चुके हैं, सरकारी आचरणों में।   नियम और कानून बचे हैं, अब केवल संस्मरणों में।   अच्छे दिन वापस जा बैठे, भाषा के…
कविता को ध्यान में रखकर सृजित चित्र

कविता

🙏🌹🌹❤️❤️🙏 ख़ामोशी के इस मंजर में! संवाद कहाँ रह गए भंग!! मस्तिष्क कपाट के बंजर में! आ रहा ना कोई भी रंग!! देख समूह की ख़ामोशी में! 'खटाना' हो रहा…
कविता

कविता

ख़ामोश तुमने बाग उजाड़े खामोशी से, वो देखता रहा तुमने जमीन खोदी गर्मजोशी से वो देखता रहा तुमने जलाए जंगल, आशियाने छीने वो खामोश रहा जानवरों की चीखें पहाड़ों का…