"मैं फौजी हूँ!" मैं फौजी हूॅं,मन मोजी हूॅं, दुश्मन के लिए मैं खोजी हूॅं। मैं सीमा पर रहता हूॅं,पर रुखी-सुखी खाता हूॅं, मैं बहुत दिनों के बाद,अपने घर को आता…
क्षणिकाएँ ऑपरेशन सिंदूर सरहद की साँसों में सिंदूर बसा था माँ की माँग सा लाल, वीरों का निशाँ। एक झंडा था, उम्मीदों से भारी, झुका नहीं — क्योंकि सिन्दूर था…
🌹मातृशक्ति दिवस 🌹 जन्मना जाति संवर्धिनी जाति की बेटी,,,, तू महान है 🙏 गुर्जर कुल कल्याणी मातृशक्ति गुर्जर कन्या गायत्री वेद माता सावित्री गुर्जर कुल कल्याणी साडू माता प्रातः स्मरणीय…
मुक्तक गीदड़ की सीमा में घुसकर सिंह दहाड़ेगा। चुन-चुन आतंकी कुत्तों की, छाती फाड़ेगा। धर्म पूछकर उसके घर की बेटी विधवा की, सिंदूर उजाड़ा उसने अब, 'सिंदूर' उजाड़ेगा।। रचयिता ममता…
महाकवि पण्डित ताराचन्द्र हारीत (सिवाया) स्मृति समारोह अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं साहित्यकार सम्मान मेरठ , 1 मेरठ मई। शिव मंदिर परिसर सिवाया में महाकवि पण्डित ताराचन्द्र हारीत की स्मृति…