जिन्दगी भूमिका - जीवन से संवाद करती हुई यह रचना स्त्री-मन की उस अदम्य चेतना को उद्घाटित करती है, जो पीड़ा, बंधन, उदासी और नकारात्मकता के हर प्रहार को आत्मबल,…
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मर्द को दर्द नहीं होता ?
मर्द को दर्द नहीं होता? झूठ कहते हैं ज़माने वाले कि मर्द को दर्द नहीं होता। हकीकत में वो भी तो इंसान होता है। चोट भी लगती है और…
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श्योराज जी की कलमकारी
सार छंद ।।तिलक।। मातृभूमि की पावन रज को, अपने भाल सजायें। तिलक लगाकर प्यारा इससे, खुशियाँ घर-घर लायें।। बलिदानों की धरती है ये, वीरों की निज माता। इस पर…
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शुभ की कामना
नव वर्ष २०२६ की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई (भूमिका) सेवानिवृत्ति किसी कर्मयात्रा का विराम नहीं, बल्कि अनुभवों से परिपक्व हुई चेतना के नवसृजन का स्वर्णिम अवसर है। वर्षों तक लोकहित…
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उठो बालको! युग पहचानों!
उठो बालको! युग पहचानो! आया नवल विहान है। नव प्रभात की नई किरण में नया सृजन इतिहास है।। सपनों की अब राह पुकारे, क्षमता भरी उड़ान है। बीते कल…
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मुशायरे का आमंत्रण
आमंत्रण उलझन सुलझन के लिए आदरणीय संपादक महोदय... आदाब/नमस्कार 😊, दिनांक 28 दिसंबर, 2025, रविवार को दोपहर 2.30 बजे हाजी आदिल चौधरी मार्केट , लिसाड़ी गेट , मेरठ पर एक…







