शुभ की कामना

शुभ की कामना

नव वर्ष २०२६ की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई (भूमिका) सेवानिवृत्ति किसी कर्मयात्रा का विराम नहीं, बल्कि अनुभवों से परिपक्व हुई चेतना के नवसृजन का स्वर्णिम अवसर है। वर्षों तक लोकहित…
उठो बालको! युग पहचानों!

उठो बालको! युग पहचानों!

उठो बालको! युग पहचानो! आया नवल विहान है। नव प्रभात की नई किरण में नया सृजन इतिहास है।।   सपनों की अब राह पुकारे, क्षमता भरी उड़ान है। बीते कल…
मुशायरे का आमंत्रण

मुशायरे का आमंत्रण

आमंत्रण उलझन सुलझन के लिए आदरणीय संपादक महोदय... आदाब/नमस्कार 😊, दिनांक 28 दिसंबर, 2025, रविवार को दोपहर 2.30 बजे हाजी आदिल चौधरी मार्केट , लिसाड़ी गेट , मेरठ पर एक…
कविता

कविता

मुस्कुराया कीजिए हर रोज़ बे वजह ही सही......... सौ गुना बढ़ जाती है खुबसूरती महज मुस्कुराने से, फ़िर भी लोग बाज नहीं आते मुंह फुलाने से। मुस्कुराहट वो तावीज है…
अलाव

अलाव

अलाव केदार शर्मा 'निरीह' रात का घना अंधकार, घनी ठंड, घना कोहरा, अलाव के कवच में, सिमटी है अनेक सांसें। धीरे-धीरे जमी हुई चर्चाएं पिघलती हैं, कभी उबलती हैं, और…
कविता

कविता

नेकी चल नेकी कमाते हैं कुछ जिंदगियाँ बनाते हैं भटकों को राह नई दिखाते हैं चल नेकी कमाते हैं रोजा, व्रत, नमाज़े, प्राथनाएँ सब करनी है मुझे चल पहले किसी…
कलमकारी

कलमकारी

मनहरण घनाक्षरी ऐसा है मेरा भारत मेरा भारत महान, हम गाएं गुणगान, षड ऋतुएं है आती, आनंद उठाइए। अलग-अलग बोली, सब प्रेम रस घोली, भिन्न-भिन्न त्यौहार है, प्रेम से मनाइए।…
माया जी की कलमकारी

माया जी की कलमकारी

कंचन सी काया कंचन सी काया तेरी महफूज रखना बेटी जमाने की निगाहों से इसकी हिफाज़त ज़रूरी है। माना कि तेरी आस्मां छूने की ख्वाइश है फ़िर भी जमाने में…
कविता

कविता

कमियां किसी किसी मे होती थी जो कमिंया अब आम हुई! अच्छा बुरा नही सोचा ये आधुनिकता के नाम हुई!! किसी किसी मे............ नशाखोरी व धुम्रपान नुकसान सेहत को पहुंचाते…
कविता

कविता

चौपाई छंद ।।घर परिवार।। घर परिवार ज्ञान सिखलाता झोली भर भर खुशियां लाता। साथ सभी को रखता अपने दिखलाता वह सच के सपने। मात-पिता अरु दादा-दादी करवाते हैं सबकी शादी।…