अलाव केदार शर्मा 'निरीह' रात का घना अंधकार, घनी ठंड, घना कोहरा, अलाव के कवच में, सिमटी है अनेक सांसें। धीरे-धीरे जमी हुई चर्चाएं पिघलती हैं, कभी उबलती हैं, और…
नेकी चल नेकी कमाते हैं कुछ जिंदगियाँ बनाते हैं भटकों को राह नई दिखाते हैं चल नेकी कमाते हैं रोजा, व्रत, नमाज़े, प्राथनाएँ सब करनी है मुझे चल पहले किसी…
मनहरण घनाक्षरी ऐसा है मेरा भारत मेरा भारत महान, हम गाएं गुणगान, षड ऋतुएं है आती, आनंद उठाइए। अलग-अलग बोली, सब प्रेम रस घोली, भिन्न-भिन्न त्यौहार है, प्रेम से मनाइए।…
कमियां किसी किसी मे होती थी जो कमिंया अब आम हुई! अच्छा बुरा नही सोचा ये आधुनिकता के नाम हुई!! किसी किसी मे............ नशाखोरी व धुम्रपान नुकसान सेहत को पहुंचाते…
चौपाई छंद ।।घर परिवार।। घर परिवार ज्ञान सिखलाता झोली भर भर खुशियां लाता। साथ सभी को रखता अपने दिखलाता वह सच के सपने। मात-पिता अरु दादा-दादी करवाते हैं सबकी शादी।…
मात्राभार 16/12 चरणांत 2,2 सार छंद शताब्दी ज्योति संघ शताब्दी ज्योति प्रखर है, परहित पावन गाथा। नव चेतन के दीप जलाकर, लोग झुकाए माथा ।। शाखा शाखा अनुशासन…