शिक्षक दिवस पर साहित्यिक समर्पण

शिक्षक दिवस पर साहित्यिक समर्पण

शिक्षक दिवस पर साहित्यिक समर्पण

कार्यक्रम रिपोर्ट

दिनांक: 7 सितंबर 2026

समय: प्रातः 11:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक

स्थान: महाविद्यालय सभागार, एम.एम.एच. कॉलेज, गाज़ियाबाद

आयोजक: साहित्यिक क्लब, एम.एम.एच. कॉलेज, गाज़ियाबाद

समग्र विवरण

शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर 7 सितंबर 2026 को एम.एम.एच. कॉलेज, गाज़ियाबाद के साहित्यिक क्लब द्वारा महाविद्यालय के सभागार में ‘A Literary Dedication on Teacher’s Day’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और स्नेह की साहित्यिक अभिव्यक्ति को समर्पित था। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार सिंह, डीन प्रो. प्रकाश चौधरी, साहित्यिक क्लब की संयोजक प्रो. सुरेखा अहलावत, साहित्यिक क्लब के पूर्व पदाधिकारी, वर्तमान सदस्य तथा विभिन्न पाठ्यक्रमों और संकायों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का कुशल संचालन साक्षी द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसमें श्वेता बसोया, राधा तथा अदिति चौहान ने सहभागिता की। इसके पश्चात प्रथम वर्ष की छात्रा खुशी शर्मा ने अपने संबोधन में शिक्षकों के जीवन में महत्व तथा विद्यार्थियों के भविष्य के निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। इसके बाद विश्वानी शर्मा और अदिति चौहान ने अपनी कविताओं के माध्यम से शिक्षकों के प्रति सम्मान और भावनाओं को अभिव्यक्त किया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत शिक्षकों को समर्पित नाटक रहा। इस नाटक में महाविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से सहभागिता की। नाटक में अनुष्का गौतम (B.Sc. द्वितीय वर्ष), इकरा (B.A. द्वितीय वर्ष), प्रतिभा गर्ग, तनिष्का तोमर (B.A. द्वितीय वर्ष), सरिता (B.A. द्वितीय वर्ष), रोहिणी (B.B.A. द्वितीय वर्ष), यशस्वी (B.A. द्वितीय वर्ष), विशाखा (B.A. द्वितीय वर्ष), तूलिका (B.A. द्वितीय वर्ष), पुष्पराज तिवारी (B.Com. तृतीय वर्ष), आशीष यादव (B.B.A. द्वितीय वर्ष), सिमरन (B.Com. द्वितीय वर्ष), रागिनी (B.A. द्वितीय वर्ष) तथा कृष्णा (B.Com. तृतीय वर्ष) ने अपनी सक्रिय सहभागिता से प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया।

नाटक का निर्देशन श्वेता बसोया, वंश सहरावत, अदिति चौहान, रमेश, हर्ष, तूलिका एवं प्रतिभा द्वारा किया गया। निर्देशन टीम के सामूहिक प्रयास, रचनात्मक दृष्टिकोण और विद्यार्थियों के समन्वित अभिनय ने नाटक को प्रभावशाली एवं भावपूर्ण रूप प्रदान किया। शिक्षकों के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता को केंद्र में रखते हुए प्रस्तुत इस नाटक ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने के साथ-साथ शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों की गरिमा को भी रेखांकित किया।

इसके पश्चात कार्यक्रम में विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हुईं। मोहम्मद अकरम ने “Letter to a Teacher” के माध्यम से शिक्षक के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। सूर्य प्रकाश सिंह ने अपनी काव्यात्मक प्रस्तुति द्वारा शिक्षकों को साहित्यिक श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद आदिल ने रैप गीत प्रस्तुत किया, जबकि आदिल और उज्ज्वल ने युगल गीत के माध्यम से कार्यक्रम को सांगीतिक रंग प्रदान किया। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण और भावपूर्ण चरण साहित्यिक क्लब के पूर्व पदाधिकारियों का सम्मान एवं अनुभव-साझाकरण रहा। साहित्यिक क्लब के सभी पूर्व पदाधिकारियों को मंच पर आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्होंने क्लब के साथ अपने अनुभव साझा किए और शिक्षकों एवं क्लब के प्रति आभार व्यक्त किया। इस क्रम में सुधा (अध्यक्ष), अनिकेत (उपाध्यक्ष), पवन शर्मा (सचिव), श्वेता बसोआ (संयुक्त सचिव) तथा हर्ष (कोषाध्यक्ष) ने अपने विचार व्यक्त किए। उनकी स्मृतियों और अनुभवों ने वर्तमान सदस्यों को साहित्यिक क्लब की परंपरा और उसके निरंतर विकास से परिचित कराया।

इसके पश्चात साहित्यिक क्लब की संयोजक प्रो. सुरेखा अहलावत को मंच पर आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपने गरिमापूर्ण संबोधन के माध्यम से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा साहित्य, अनुशासन और शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों के महत्व पर प्रकाश डाला। उनका संबोधन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए महाविद्यालय के डीन प्रो. प्रकाश चौधरी को मंच पर आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपने ज्ञानवर्धक संबोधन के माध्यम से विद्यार्थियों को जिम्मेदारी, अनुशासन और निरंतर सीखने की प्रेरणा दी। उनके विचारों ने विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत जीवन में जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का अंतिम एवं विशेष संबोधन महाविद्यालय के प्राचार्य जी प्रो. संजय कुमार सिंह द्वारा दिया गया। उन्होंने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में विद्यार्थियों को अनुशासन, ज्ञान और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों के महत्व तथा विद्यार्थियों के जीवन में उनके मार्गदर्शन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उनका संबोधन कार्यक्रम के लिए ज्ञान, प्रकाश और प्रेरणा का संदेश लेकर आया।

इसके पश्चात सत्र 2025–2026 के विभिन्न विजेताओं के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह का आयोजन डॉ. स्वर्णाली डे द्वारा किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार सिंह एवं डीन प्रो. प्रकाश चौधरी द्वारा सभी विजेताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही साहित्यिक क्लब के पूर्व पदाधिकारियों को उनके योगदान और सेवाओं के लिए प्रशंसा-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

स्वयंसेवकों का योगदान

कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं सुचारु संचालन में साहित्यिक क्लब के स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वयंसेवकों को स्वागत एवं तिलक, सरस्वती वंदना, PPT एवं माइक संचालन, कार्यक्रम सहयोग, छात्र उपस्थिति तथा अनुशासन व्यवस्था जैसी विभिन्न जिम्मेदारियाँ सौंपी गई थीं।

सुधा सिंह, मेहक, तुमुल चौहान एवं सूर्य प्रकाश सिंह ने अतिथियों के स्वागत एवं तिलक की जिम्मेदारी संभाली। श्वेता बसोया, राधा एवं अदिति चौहान ने सरस्वती वंदना में सहभागिता की। हर्ष शर्मा एवं पवन शर्मा ने PPT एवं माइक संचालन की जिम्मेदारी निभाई। साक्षी ने कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय में योगदान दिया। रोहिणी त्यागी, विशाखा एवं निकिता ने कार्यक्रम के विभिन्न व्यवस्थागत कार्यों में सहयोग किया। हर्षित ने छात्र उपस्थिति का दायित्व संभाला, जबकि नीतू वर्मा, आंचल सुनील, अजय, तरुण तेवतिया एवं रमेश ने अनुशासन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन सभी स्वयंसेवकों के सामूहिक प्रयासों से कार्यक्रम व्यवस्थित, सुचारु एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के समापन से पूर्व सभी प्रतिभागियों, पदाधिकारियों एवं अतिथियों के साथ समूह-चित्र लिया गया, जिसने इस यादगार अवसर को स्मृति में संजो दिया। अंततः “वंदे मातरम्” की सामूहिक प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ।

यह कार्यक्रम केवल शिक्षक दिवस के उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता, साहित्यिक अभिव्यक्ति और विद्यार्थी-शिक्षक संबंधों की गरिमा का सुंदर उत्सव बनकर सामने आया। विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, पूर्व पदाधिकारियों के अनुभवों, विद्यार्थियों की रचनात्मक सहभागिता तथा शिक्षकों के प्रेरणादायक संबोधनों ने कार्यक्रम को सार्थक और स्मरणीय बना दिया। साहित्यिक क्लब द्वारा आयोजित यह आयोजन विद्यार्थियों के भीतर रचनात्मकता, अभिव्यक्ति, अनुशासन और कृतज्ञता जैसे मूल्यों को सुदृढ़ करने में सफल रहा।

झलकियाँ

सूचना स्रोत

प्रो (डॉ) राकेश राणा