हम और हमारा दायित्व
हम और आप सभी चाहते हैं कि हमारे बच्चे आदर्श बच्चे बनें स्त्री का सम्मान करे। 13 साल की मासूम बच्ची के साथ जो हुआ बहुत शर्म नाक घटना थी। ऐसी घिनोनी घटना फ़िर किसी के साथ ना हो ,लेकिन हर दूसरे दिन एक नयी और ज्यादा घिनोनी घटना हमारे सामने अखबारों और tv या मोबाइल के जरिये देखने सुनने को मिल जाती है दोष समाज का माँ बाप की परवरिश का नहीं इंसान की घिनोनी सोंच का होता है, आज लड़कियाँ घर बाजार ऑफिस कहीं पर भी सुरक्षित नहीं है। मोमिता अपने ही हॉस्पिटल में दरिंदगी की शिकार हुई, हजारों लड़कियाँ खुद के घर परिवार के अंदर शोषण की शिकार होती हैं जिनमे से बहुत सी लड़कियों को उनके माँ बाप लोक लाज का डर दिखा कर आज भी चुप करा देते हैं।इन अपराधो को रोकने के लिए खुद की सोंच बदलनी होगी। महिलाओं के दिल से सम्मान करना होगा।

माया शर्मा
