सार छंद ।।तिलक।। मातृभूमि की पावन रज को, अपने भाल सजायें। तिलक लगाकर प्यारा इससे, खुशियाँ घर-घर लायें।। बलिदानों की धरती है ये, वीरों की निज माता। इस पर…
नव वर्ष २०२६ की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई (भूमिका) सेवानिवृत्ति किसी कर्मयात्रा का विराम नहीं, बल्कि अनुभवों से परिपक्व हुई चेतना के नवसृजन का स्वर्णिम अवसर है। वर्षों तक लोकहित…
आमंत्रण उलझन सुलझन के लिए आदरणीय संपादक महोदय... आदाब/नमस्कार 😊, दिनांक 28 दिसंबर, 2025, रविवार को दोपहर 2.30 बजे हाजी आदिल चौधरी मार्केट , लिसाड़ी गेट , मेरठ पर एक…
मुस्कुराया कीजिए हर रोज़ बे वजह ही सही......... सौ गुना बढ़ जाती है खुबसूरती महज मुस्कुराने से, फ़िर भी लोग बाज नहीं आते मुंह फुलाने से। मुस्कुराहट वो तावीज है…
अलाव केदार शर्मा 'निरीह' रात का घना अंधकार, घनी ठंड, घना कोहरा, अलाव के कवच में, सिमटी है अनेक सांसें। धीरे-धीरे जमी हुई चर्चाएं पिघलती हैं, कभी उबलती हैं, और…
नेकी चल नेकी कमाते हैं कुछ जिंदगियाँ बनाते हैं भटकों को राह नई दिखाते हैं चल नेकी कमाते हैं रोजा, व्रत, नमाज़े, प्राथनाएँ सब करनी है मुझे चल पहले किसी…
मनहरण घनाक्षरी ऐसा है मेरा भारत मेरा भारत महान, हम गाएं गुणगान, षड ऋतुएं है आती, आनंद उठाइए। अलग-अलग बोली, सब प्रेम रस घोली, भिन्न-भिन्न त्यौहार है, प्रेम से मनाइए।…