दयाशंकर शर्मा का मर्म

दयाशंकर शर्मा का मर्म

अंतर्मन अपमानों से आहत ना मैं सम्मानों की चाह नहीं। मेरी मस्ती मुझमें जिंदा दुनिया की परवाह नहीं।। अपनी धुन में गाता हूँ मैं अपनी लय में नृत्य करूँ। पद…
मुशायरा

मुशायरा

आमंत्रण आदाब/नमस्कार 😊 दिनांक 27 जुलाई 2025, रविवार, शाम 03 बजे हाजी आदिल चौधरी मार्केट , लिसाड़ी गेट चोपला , मेरठ पर एक काव्य गोष्ठी का आयोजन होने जा रहा…
मुकेश कुमावत जी की कलम से

मुकेश कुमावत जी की कलम से

अनोखी बातें उठकर चलना, चलकर गिरना, गिरकर उठना, उठकर फिर चलना, यही संघर्ष की कहानी है, हँसकर बोलना, बोलकर हँसना, तोलकर कर बोलना, बोलकर तोलना यही सच्ची जिंदगानी है। मिलकर…
श्योराज जी की कलम से

श्योराज जी की कलम से

दोहे मित्रता🌹🌹😄😄 मित्रता से ही जगत में, अब तक कायम प्यार। रिश्ते प्यारे बढ़ रहे, अपनेपन को धार।।   सदा बढ़ाओ दोस्ती, जात पात सब त्याग। धो डालो मन में…
श्योराज जी की कलम

श्योराज जी की कलम

बाल गीत छाती है हरियाली भू पर, जब जब वर्षा आती पेड़ खुशी से लहराते हैं, कोयल गीत सुनाती। ताल-तलैया भर जाते सब, कल-कल नदिया बहती, मुस्काती है धरती सारी,…
श्योराज जी की कलम से

श्योराज जी की कलम से

कुंडलिया छंद एक आता जाता ही फिरें ,जीव जगत के माहि, करार अपनी भूलता,याद रखें कुछ नाहि। याद रखें कुछ नाहि,मग्न दुनिया में होता, देख सामने मौत,पकड़ सिर को फिर…
प्रशिक्षक के भाव

प्रशिक्षक के भाव

ना तो कुछ लेकर आए हो, ना ही कुछ लेकर जाना! क्यूँ जमा जखीरा करते हो, सब यहीं छोडकर जाना!! ना तो कुछ............. दुआ - बद्दुआ समय आने पर,अपना असर…
गुरुवर

गुरुवर

कुंडलिया छंद गुरुवर जैसा है नहीं, इस भू पर दातार, बंद चक्षु सब खोलते, जो है मन के द्वार। जो है मन के द्वार, अंधेरा कायम रखती, माया के अभिभूत,…
नायक जी की कविता

नायक जी की कविता

🇮🇳 स्वच्छ विद्यालय स्वस्थ विद्यालय 🇮🇳 खुल गये स्कूल चहकी किलकारियाँ, सब पढ़ने की मन में ठानकर आये हैं। अपनी-अपनी कक्षा का पता ज्ञात कर, अपनी ठोर रोक बस्ता जमाकर…
श्योराज जी की काव्य रचनाएँ

श्योराज जी की काव्य रचनाएँ

ग़ज़ल कोई इस दुनिया में करता उपकार नहीं है सीख लिया जीने का सलीका फिर हार नहीं है।   सबसे हिल मिल कर रहना मन की बातें करना इससे अच्छा…