कविता

कविता

कमियां किसी किसी मे होती थी जो कमिंया अब आम हुई! अच्छा बुरा नही सोचा ये आधुनिकता के नाम हुई!! किसी किसी मे............ नशाखोरी व धुम्रपान नुकसान सेहत को पहुंचाते…
कविता

कविता

चौपाई छंद ।।घर परिवार।। घर परिवार ज्ञान सिखलाता झोली भर भर खुशियां लाता। साथ सभी को रखता अपने दिखलाता वह सच के सपने। मात-पिता अरु दादा-दादी करवाते हैं सबकी शादी।…
🌙 नजर से नजर मिली हुए नजराना 🌙

🌙 नजर से नजर मिली हुए नजराना 🌙

✍️ सूर्योदय सुप्रभात सुमंगलम ✍️ 🌙 नजर से नजर मिली हुए नजराना 🌙 💞प्यार भरी मनभावन दुनिया💞 💞 अंतहीन प्यार की तलाश हमराही जिंदगी का सच,,, 🌙 अंतरंग नारी- नर…
पिता

पिता

पिता हूँ मैं पत्थर-सा सख्त नज़र आता हूँ। मगर दिल मुझमें भी है। अपनी औलाद को बनाने के लिए पत्थर दिल बनकर चलता हूँ। हाँ! पिता हूँ, मैं सख्त मिज़ाज़…
कविता

कविता

अमीर बहुएँ कुछ बहुएँ अपने पीहर से, अपने साथ लाये दहेज़ का रौब दिखाती हैं। अपने लाये सामान पर सिर्फ, उसका ही हक बताती हैं। गरीब पति और सास-ससुर को…

विशेष कविता

मात्राभार 16/12 चरणांत 2,2 सार छंद   शताब्दी ज्योति   संघ शताब्दी ज्योति प्रखर है, परहित पावन गाथा। नव चेतन के दीप जलाकर, लोग झुकाए माथा ।। शाखा शाखा अनुशासन…

श्रद्धांजलि

श्रद्धांजलि अपने परम मित्र तथा अनुज श्री राकेश जैन की जीवन संगिनी श्रीमती रश्मि जैन के आकस्मिक निधन पर उनके दादा मित्र की अत्यन्त दुखित हृदय से - श्रद्धांजलि दून…
हौसला

हौसला

हौसला जिंदगी बदलने के लिए लड़ना पड़ता है, ख़्वाबों की हकीकत के लिए जिद पर अड़ना पड़ता हैरान!   कोई खैरात में नहीं देता खुशियाँ मेरे दोस्तो, खुशियाँ पाने के…
श्योराज जी की कलमकारी

श्योराज जी की कलमकारी

।।मुक्तक एक।। सागर देखा प्यासा हमने, मछली देखी प्यासी। मां बाप रुआंसे देखे, प्रीति दूजों से कासी। रुपया देखा खूब यहाँ पर, देखी खूब गरीबी, प्यार देख लिया दुनिया का,…
कलियुग

कलियुग

ये कलियुग ही तो है  कलियुग ही तो है ये जिसमें इंसान रुलाए जाते हैं जिंदा जानवर मारकर प्लेटों में सजाए जाते हैं।   कलियुग ही तो है ये जिसमें…