मैया की छवि
उलझन सुलझन

मैया की छवि

मैया की छवि

हैं सात सुख दुनिया में

घर घर में आय बिराजे

मैया की ये चुनरिया,

भक्तों के काज साजे है,

 

छवि इक मनोहर सी प्यारी,

मां की शक्ति है निराली,

मगन हुए, सारे नर नारी,

रूप पे जाऊँ बलिहारी,

मैया की ये चुनरिया,

भक्तों के मन को भावे है,

 

कृपालु मां दया कर दो,

मेरे घर अपने चरण धर दो,

स्कन्द माता बन के आओ,

मेरे घर खुशियाँ ले आओ,

तेरी राह देखते हैं,

भक्ति में डूब जाने को,

हैं सात सुख दुनिया में

घर घर में आए बिराजे,

मैया की ये चुनरिया,

भक्तों के मन को भावे है,

रचनाकार

प्रमिला त्रिवेदी
स्थानीय संपादक, उलझन सुलझन, बेंगलुरु महिला प्रकोष्ठ