दुनिया में सबसे महँगा
प्रमिला त्रिवेदी स्थानीय संपादक उलझन सुलझन (लेडीज विंग) हैदराबाद

दुनिया में सबसे महँगा

दुनिया में सबसे महँगा

हम अक्सर जीवन में किसी चीज़ की कीमत उसके धन-मूल्य से आँकते हैं। सोना, चाँदी, संपत्ति और बड़ी-बड़ी उपलब्धियाँ हमें बहुत मूल्यवान लगती हैं। लेकिन क्या सचमुच दुनिया की सबसे महँगी चीज़ें वही हैं, जिन्हें पैसों से खरीदा जा सकता है?

कुछ चीज़ें ऐसी भी हैं, जिनकी कोई कीमत तय नहीं की जा सकती—जो हाथ से निकल जाएँ तो धन-दौलत भी उन्हें वापस नहीं ला सकती। समय, विश्वास, मुस्कान और अपनापन… ये जीवन के ऐसे खजाने हैं, जिनका मूल्य शायद तब समझ आता है, जब इनमें से कुछ हमारे पास नहीं रहता।

आख़िर दुनिया में सबसे महँगा क्या है?

आइए, इस सवाल का उत्तर इस सुंदर काव्य-रचना के माध्यम से खोजते हैं।

दुनिया में सबसे महँगा

दुनिया में सबसे महँगा,
न सोना है, न चाँदी है,
न महल, न ऊँची इमारत,
न कोई दौलत भारी है।

सबसे महँगा है समय,
जो लौटकर कभी न आता,
एक बार जो हाथ से निकले,
हाथ मलो, पर मिल नहीं पाता।

सबसे महँगी होती है मुस्कान,
जो किसी उदास चेहरे पर आए,
किसी के टूटे हुए मन को
दो पल का सुकून दे जाए।

सबसे महँगा होता है विश्वास,
जिसे बनाने में लगते बरसों बरस,
पर एक छोटी-सी ठोकर से
पल भर में बिखर जाता है।

सबसे अनमोल है अपनापन,
जो नि:स्वार्थ भाव से मिले,
जिसके होने मात्र से जीवन में
कितने ही मौसम फूलों-से खिले।

इसलिए दौलत को मत तौलो
केवल सिक्कों और नोटों में,
कुछ खजाने ऐसे भी होते हैं
जो मिलते हैं रिश्तों की चोटों में।

दुनिया चाहे जितना धन दे दे,
कुछ चीज़ें खरीदी नहीं जातीं—
समय, विश्वास और सच्चे रिश्ते,
किसी बाजार में बिके नहीं जाते।

प्रमिला त्रिवेदी जी, स्थानीय संपादिका, उलझन सुलझन, बेंगलुरु महिला प्रकोष्ठ
उलझन सुलझन

प्रमिला त्रिवेदी