अतीत को वर्तमान से जोड़ने की कवायद
गुलावठी (जनपद बुलंदशहर)।
गुलावठी स्थित एक प्रतिष्ठित डिग्री कॉलेज में आज एक प्रेरणादायी व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें प्रख्यात शिक्षाविद् प्रोफेसर डॉ. राकेश राणा को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, व्यक्तित्व विकास तथा सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा।


कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। महाविद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. राकेश राणा का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर हार्दिक स्वागत किया गया।


अपने उद्बोधन में डॉ. राणा ने विद्यार्थियों को महान स्वतंत्रता सेनानी विजय सिंह पथिक के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल शिक्षा प्राप्त करने तक सीमित न रहकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को भी समझना चाहिए।
डॉ. राणा ने अपने व्याख्यान में चरित्र निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा भारतीय संस्कृति के मूल्यों पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, सतत अध्ययन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश देते हुए कहा कि इतिहास के महान व्यक्तित्व हमें कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों के बौद्धिक और नैतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
अंत में आयोजकों द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया तथा विद्यार्थियों ने इस व्याख्यान को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणास्पद बताया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
सूचना स्रोत
प्रोफेसर (डॉ) राकेश राणा
पाठ्य उन्नयन और विस्तार व प्रस्तुति


