सामाजिक शिक्षा के प्रयासों को सम्मान
नींव के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. उपदेश वर्मा ‘समाज गौरव सम्मान-2026’ से सम्मानित
नींव (14 -28 सितंबर 2026), हिंदी पखवाड़ा।
समाज के गाँवों एवं सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा की पहुँच बढ़ाने, जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने तथा शिक्षा के प्रति जन-जागरूकता पैदा करने के निरंतर प्रयासों के लिए नींव के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. उपदेश वर्मा को स्वर्गीय पवन कुमार कंसल स्मृति समाज गौरव सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान शुभम् साहित्य, कला एवं संस्कृति संस्थान, गुलावठी, बुलंदशहर द्वारा हिन्दी दिवस के अवसर पर आयोजित शुभम् महोत्सव-2026 में प्रदान किया गया। समारोह का आयोजन 14 सितंबर 2026 को श्री परशुराम भवन में किया गया।
डॉ. उपदेश वर्मा को यह सम्मान विशेष रूप से नींव के माध्यम से गाँवों एवं सुदूर क्षेत्रों में चलाए जा रहे निःशुल्क शिक्षा कार्यक्रमों तथा शिक्षा से वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के बीच शिक्षा के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
नींव द्वारा शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के अंतर्गत ऐसे बच्चों और परिवारों तक शिक्षा की पहुँच बनाने पर जोर दिया जा रहा है, जहाँ संसाधनों के अभाव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करना कठिन होता है। साथ ही, अभिभावकों एवं स्थानीय समुदाय को शिक्षा के महत्व, बच्चों की शिक्षा तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षित होने की आवश्यकता के प्रति जागरूक करने का कार्य भी किया जा रहा है।
डॉ. उपदेश वर्मा ने कहा कि “शिक्षा केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं होनी चाहिए। समाज के गाँवों, दूरस्थ क्षेत्रों और उन परिवारों तक शिक्षा पहुँचाना आवश्यक है, जहाँ इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। नींव का प्रयास है कि शिक्षा के माध्यम से बच्चों और समुदायों में जागरूकता, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने के अवसर पैदा किए जाएँ।”
उन्होंने इस सम्मान के लिए शुभम् साहित्य, कला एवं संस्कृति संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान व्यक्तिगत उपलब्धि से अधिक नींव से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और उन सभी सहयोगियों का सम्मान है, जो शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के प्रयास में सहभागी हैं।
सम्मान के रूप में डॉ. वर्मा को प्रशस्ति-चिह्न एवं ₹2,100 की सम्मान राशि प्रदान की गई।
समारोह में महोत्सव अध्यक्ष डॉ. सुभाष वशिष्ठ, मुख्य अतिथि *श्री संजय कुमार शर्मा सहित साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा एवं संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
नींव के माध्यम से गाँवों और सुदूर क्षेत्रों में निःशुल्क शिक्षा तथा शिक्षा-जागरूकता के लिए किए जा रहे ये प्रयास शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन और सशक्तिकरण का माध्यम बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।**
झलकियाँ

गांधी-शास्त्री जयंती पर नींव कक्षाओं में सजी विज्ञान प्रदर्शनी
बच्चों ने जल शुद्धिकरण, AI, हृदय-गुर्दे की कार्यप्रणाली समेत विभिन्न मॉडलों से समझाए वैज्ञानिक सिद्धांत
मेरठ। गांधी जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को शशिप्रभा मेमोरियल पब्लिक स्कूल, छज्जूपुर, परतापुर में संचालित नींव कक्षाओं की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, विचारों और राष्ट्र के प्रति योगदान की जानकारी दी गई। इस अवसर पर बच्चों ने विभिन्न वैज्ञानिक विषयों पर तैयार किए गए मॉडलों की प्रदर्शनी भी लगाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ नींव के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. उपदेश वर्मा ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया। डॉ. वर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के माध्यम से देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उनका जीवन सत्य, अहिंसा, अनुशासन और स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शास्त्री जी ने सादा जीवन, उच्च विचार को अपने आचरण में चरितार्थ किया। वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व तथा देशवासियों के आह्वान का उल्लेख करते हुए उन्होंने जय जवान, जय किसान के नारे के महत्व को भी बच्चों को समझाया।
विज्ञान मॉडलों ने खींचा ध्यान
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों ने जल शुद्धिकरण, ज्वालामुखी की कार्यप्रणाली, मानव हृदय एवं गुर्दे की कार्यप्रणाली, वायु प्रदूषण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, DJ की तेज ध्वनि के दुष्प्रभाव, पेट्रोल पंप तथा ATM की कार्यप्रणाली सहित विभिन्न विषयों पर मॉडल तैयार किए।
बच्चों ने अपने मॉडलों की कार्यप्रणाली और उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों की जानकारी डॉ. उपदेश वर्मा को विस्तार से दी। डॉ. वर्मा ने बच्चों से मॉडलों से संबंधित प्रश्न पूछे और उनकी वैज्ञानिक समझ एवं रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और आत्मविश्वास विकसित होता है।
मिठाई-चॉकलेट बांटकर दिलाया स्वच्छता का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को मिठाई और चॉकलेट वितरित की गईं। मिठाई और चॉकलेट पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस अवसर पर बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई करने तथा शिक्षा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण आधार बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
बच्चों ने अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, साफ-सफाई का ध्यान रखने और मन लगाकर पढ़ाई करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में शिक्षा एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में नींव के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. उपदेश वर्मा, SPMP स्कूल के प्रधानाचार्य कुंवरपाल, दुर्गेश, विद्यालय के शिक्षकगण, बच्चों के अभिभावक एवं ग्रामीणजन मौजूद रहे।
NEEV (National Education Enrichment in Villages) IIT Alumni की सामाजिक-शैक्षिक पहल है, जो ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है। संस्था की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में निःशुल्क शैक्षिक कक्षाओं, विज्ञान एवं रचनात्मक गतिविधियों, डिजिटल शिक्षा और शिक्षा-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में छज्जूपुर, परतापुर स्थित शशिप्रभा मेमोरियल पब्लिक स्कूल में भी नींव की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
नींव का मानना है कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरणीय चेतना एवं राष्ट्र निर्माण की भावना का भी विकास होना चाहिए। इसी उद्देश्य से नींव समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की रचनात्मक एवं समाजोपयोगी गतिविधियों का आयोजन करता रहता है।
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संपर्क
**डॉ. उपदेश वर्मा**
एसोसिएट प्रोफेसर
भौतिकी एवं खगोल भौतिकी विभाग
दिल्ली विश्वविद्यालय
*नेशनल कोऑर्डिनेटर, NEEV* http://www.neeviit.org
Ph -7599182718
“आइए, मिलकर हरित, स्वच्छ और सुरक्षित भारत के निर्माण का संकल्प लें।”🌳🌍🇮🇳
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