जरूरी क्या, यह जानें! मानव जीवन में निरंतरता उनके कारण है जो खुले मन से आदेशों/निर्देशों/संदेशों को यथावत प्रसारित करने की दिशा में प्राणपण से विविध गतिविधियों में डूबकर संकल्पों…
"साहित्यकार जीवन के हर कदम, हर मोड़ पर मिलने वाले अनुभवों की महक को आत्मसात करें।"-अटलानी जयपुर, 29 अप्रेल (वि.)। राजस्थान सिन्धी अकादमी द्वारा झालाना संस्थानिक क्षेत्र, जयपुर स्थित अकादमी…
सेमिनार विवरण दिनांक 28 अप्रैल 2026 का दिन मेरे लिए विशेष रूप से स्मरणीय रहा, जब मुझे कुंवर सत्य कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, बिजनौर में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी मानसिक…
आज दिनांक 28.04.2026, दिन मंगलवार को होली चाइल्ड पब्लिक इण्टर कॉलेज, जडौदा, मुजफ्फरनगर के सभागार में विद्यार्थियों के लिए बाल साहित्य लेखन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ…
सृजनाभिनंदनम् चतुर्थ में विविध विधाओं के प्रकांड विद्वतजनों की उपस्थिति साहित्य, कला, रंगमंच, योगायुर्वेद एवं मीडिया जगत की हस्तियां सम्मानित नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित हिंदी भवन में वाङ्मय कला…
आज दिनांक 23.04.2026, दिन बृस्पतिवार को उत्तर प्रदेश शिक्षा बोर्ड के हाईस्कूल व इण्टरमीडिएट का परीक्षाफल घोषित हुआ। हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2026 में होली चाइल्ड पब्लिक इण्टर कॉलेज,…
साहित्य मंच- टोडारायसिंह के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल- टोडारायसिंह में आज फिल्म अभिनेता, निर्माता, गीतकार, लेखक मनोज कुमार का आकस्मिक निधन होने पर श्रंद्धाजलि कार्यक्रम का आयोजन…
🏵️विधा:-कविता करें देवी आराधना माता रानी की नित महिमा हम, शृद्धा भाव से गायेंगे। पुनीत भावों से कर आरती, जगमग ज्योति जलाएंगे। आओ मिलकर नवरात्रों में हम, करें देवी आराधना।…
ये पिता पर केंद्रित मेरी 'एक हजार एक सौ ग्यारह' कविताओं का संग्रह है, शीर्षक है 'हस्ताक्षर हैं पिता'। लगभग डेढ़ हजार पृष्ठ हैं इसमें। इसे दो खंडों में प्रकाशित…
।।अपनी-अपनी राह।। नवरात्रे आते हैं, व्रत, उपवास करवाते हैं, माँ की महिमा गाते हैं, दर्शन को मंदिर जाते हैं, सुन भैया! यदि मन के मैल को मानव धोए तो, नवरात्रे…
निमंत्रण आदरणीय श्री परम सिंह जी के श्रीमति सुखदेवी इन्टर कॉलेज हसनपुर के प्रधानाचार्य के पद से निवृत्त होने के पावन अवसर पर उलझन सुलझन पत्र की ओर से उन्हें…
नमन मंच छंद चवपैया एक चलना सिखलाती, गीत सुनाती, माता जग में प्यारी। लगती है अच्छी, मन को सच्ची, मूरत इसकी न्यारी। सबको हर्षाती, कदम बढ़ाती, नभ को छूती नारी।…
भूमिका साथियो! समाज एक अद्वितीय कार्यशाला है जिसकी विविध गतिविधियाँ हमको समझने में और जीवन की रूपरेखा तैयार करने में सहायक होती हैं। एक ऐसे ही अद्वितीय कार्यक्रम की फाइनल…