ईश्वर को आखिरी उम्मीद नहीं, पहला भरोसा बनाइए आचार्य निखिल जी महाराज जब कहते हैं— “ईश्वर को आखिरी उम्मीद नहीं, अपितु पहला भरोसा बनायें।” तब उनकी वाणी में केवल धार्मिक…
स्मृति व्याख्यान कल दिनांक 16.9.26 को दोपहर में दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर मे आयोजित कर्नल करोडी सिंह बैंसला स्मृति व्याख्यान उनकी पुत्री श्रीमति सुनीता बैंसला एवं सुयोग संस्था द्वारा…
14 सितंबर, हिन्दी दिवस पर साहित्यिक क्लब एम एम एच कॉलेज ग़ाज़ियाबाद में धूम धाम से मनाया हिन्दी उत्सव मेरी बोली, मेरी पहचान हिन्दी की लोकधाराओं का साहित्यिक उत्सव 14…
हिंदी बड़े भाग्य मानुष तन पाया, हिंदुस्तान में बसेरा भाया। पढ़कर हिंदी,लिखकर हिंदी, भाषा का है मान बढ़ाया। हिंदी को वट वृक्ष बनाया, चहुँ दिशा में है फैलाया। जड़ों को…
बात तब की है जब मैं शास्त्री द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत था, तभी हमारे पाठ्यक्रम में “मनोवृत्तिसुधारम्” नाम की एक नई पुस्तक सम्मिलित की गई। भीतर ही भीतर उसे पढ़ने…
गंगोह। विमुक्त जनजाति अधिकार मंच ने अपने ऐतिहासिक विमुक्त जाति दिवस पर आयोजित गोष्ठी में एक सशक्त और दूरगामी माँग उठाई कि जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग…
सम्मानित मित्रो माँ सरस्वती की कृपा से मेरे द्वारा सृजित निम्न तीन काव्य संग्रह 1. काव्य कुसुमारण्य 2. काव्य गौरवाँश एवं 3. काव्य सौरभाँश प्रकाशित हो चुके हैं। ये सभी…
शब्दों का साधक अनिरुद्ध बाहर से एक साधारण युवक था—नौकरी, दोस्त और हँसी-मज़ाक से भरा जीवन। लेकिन भीतर उसका मन एक अलग ही दुनिया में जीता था। रात के सन्नाटे…
अभिवादन में नवाचार जीवन वास्तव में जितना सरल है, हम उतना ही इसे जटिल बनाते चले जाते हैं। साधारण-सी बातें भी हमारे व्यवहार और आचार-विचार के बोझ तले उलझकर हमें…
वीडियो लिंक https://youtube.com/shorts/xGA1ius66U4?si=UNFdiZt4dW9yGTgr सारांश यह वीडियो एक आभासी वास्तविकता (वर्चुअल रियलिटी) की दुनिया पर केंद्रित है, जहां लोग आत्ममुग्धता और आत्मबदता के कारण वास्तविकता से कटकर एक भ्रामक और भ्रमित…
वीडियो लिंक https://youtube.com/shorts/jx2WhSumWQU?si=BtDQFpmppPlIYHKk सारांश यह वीडियो उन जातियों के बारे में जानकारी प्रदान करता है जिन्होंने भारत के इतिहास में विदेशी आक्रमणकारियों के विरुद्ध योद्धा के रूप में बहादुरी दिखाई।…
लघुकथा कालजयी बनने की कला पुराने शहर के संग्रहालय में एक बूढ़ा शिल्पकार रोज़ आता था। वह घंटों खड़े होकर उस पत्थर की मूर्ति को निहारता रहता, जो उसने वर्षों…